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19 अक्टूबर 2015

Heart Attack कैसे होता है ?

Heart Attack का आयुर्वेदिक ईलाज!

Heart Attack


दिल का दौरा (Heart Attack) इसलिए पड़ता है कि (Heart)दिल तक रक्त(खून) पहुंचाने वाली किसी एक या एक से अधिक नसों में जमे वसा के थक्के के कारण रुकावट आ जाती है। थक्के के कारण रक्त(खून) का प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है। रक्त(खून) नहीं मिलने से (Heart)दिल की मांसपेशियों में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। यदि जल्दी ही रक्त(खून) का प्रवाह ठीक नहीं किया जाए तो (Heart)दिल की मांसपेशियों की गति रूक जाती है। अधिकांश (Heart)दिल के दौरे के कारण मौतें थक्के के फट जाने से होती हैं।

हार्ट अटैक (Heart Attack) से मरने वाले करीब एक तिहाई मरीज़ों को तो यह पता ही नहीं होता कि वे हृदय रोगी हैं और ज्यादातर अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। इसके लिए ज़िम्मेदार एक बड़ा कारण यह है कि पहले आए हार्ट अटैक (Heart Attack) को मरीज़ ने पहचाना ही न हो। ऐसा हार्ट अटैक (Heart Attack), जिसके लक्षण अस्पष्ट हों या जिनका पता ही न चले, उसे साइलेंट हार्ट अटैक (Heart Attack) कहते हैं।


साइलेंट" हार्ट अटैक (Heart Attack)

हार्ट अटैक (Heart Attack) के सभी मामलों में से 25 प्रतिशत साइलेंट हार्ट अटैक (Heart Attack) के होते हैं। साइलेंट हार्ट अटैक (Heart Attack) से मरीज़ की मौत हो सकती है। साइलेंट हार्ट में मरीज/रोगी को हार्ट अटैक (Heart Attack) होता है और उसे पता भी नहीं चलता। हार्ट अटैक (Heart Attack) के लक्षण दिखाई नहीं देना, मरीज़ द्वारा लक्षणों को नज़रअंदाज़ कर देना या फिर इन्हें समझ ही न पाना साइलेंट हार्ट अटैक (Heart Attack) के कारण हैं। साइलेंटहार्ट अटैक (Heart Attack) ज़्यादा खतरनाक होते हैं। इसीलिए हार्ट अटैक (Heart Attack) के लक्षणों के बारे में जानना बहुत ज़रुरी है। कोई भी लक्षण महसूस होने पर, चाहे वो बिलकुल हल्का ही क्यों न हो और कुछ ही समय के लिए ही क्यों ना हो, डॉक्टर को तुरंत दिखाना चाहिए। 



हार्ट अटैक (Heart Attack) आने पर आमतौर पर ये लक्षण सामने आते हैं

•    पसीना का आना एवं सांसो का फूलना।

•    सीने में तेज दर्द होना और सीने में ऐंठन होना।

•    हाथों, कंधों, कमर या जबड़े में भी दर्द होना।

•    मितली आना, उल्टी होना।

महिलाओं में हार्ट अटैक (Heart Attack) आने पर कुछ अन्य लक्षण भी देखे जा सकते हैं

•    त्वचा पर चिपचिपाहट, उनींदापन, सीने में जलन महसूस होना।
•    असामान्य रूप से थकान होना।

 बरतें थोड़ी सावधानी

अगर किसी को अचानक (Heart)दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ जाए तो पहला प्रयास यही होना चाहिये कि उसे तुरंत अस्पताल ले जाये। अगर यह तुरंत मुमकिन न हो पाए तो मरीज/रोगी को हर दस सेकेंड में जोर के खांसने की कोशिश करनी चाहिए खांसने के दौरा(Heart Attack)न मरीज/रोगी के (Heart)दिल पर दवाब पड़ता है और रक्त(खून) का प्रवाह (Heart)दिल की ओर तेज हो जाता है। खांसने के बाद लम्बी और बहरी सांस लेनी चाहिए क्योंकि (Heart)दिल की धड़कन बढ़ने और बेहोशी आने में केवल दस सेकेंड का वक्त लगता है। इस प्रकिया के द्वारा काफी राहत मिलती है।

अपने (Heart)दिल को स्वस्‍थ रखने के लिए क्या करें

•    साइकिलिंग, वॉकिंग और हो सके तो स्वीमिंग नियमित रूप से करें।

•    धूम्रपान पूरी तरह से बंद कर दें।

•    अधिक वसा वाला भोजन न करें।

•    अपने भोजन में कम से कम नमक का प्रयोग करें।

•    रोजाना कम से कम 7 घंटे नींद लें।

•    कॉफी और हाई कैफीन की चीजें ज्यादा न लें।

•    अगर चाय पीने का मन करे तो हर्बल या ग्रीन टी ही पियें।

•    रोजाना 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं।

भगवान न करे कि आपको कभी जिंदगी मे heart attack आए !लेकिन अगर आ गया तो आप जाएँगे डाक्टर के पास !

और आपको मालूम ही है एक angioplasty ऑपरेशन आपका होता है ! angioplasty ऑपरेशन मे डाक्टर (Heart)दिल की नली/नस मे एक spring डालते हैं ! उसको stent कहते हैं ! और ये stent अमेरिका से आता है और इसका cost of production सिर्फ 3 डालर का है ! और यहाँ लाकर लाखो रुपए मे बेचते है आपको !

आप इसका आयुर्वेदिक इलाज करे बहुत बहुत ही सरल है ! पहले आप एक बात जान ली जिये ! angioplasty ऑपरेशन कभी किसी का सफल नहीं होता !! क्यूंकि डाक्टर जो spring (Heart)दिल की नली/नस मे डालता है !! वो spring बिलकुल pen के spring की तरह होता है ! और कुछ दिन बाद उस spring की दोनों side आगे और पीछे फिर blockage जमा होनी शुरू हो जाएगी ! और फिर दूसरा attack आता है ! और डाक्टर आपको फिर कहता है ! angioplasty ऑपरेशन करवाओ ! और इस तरह आपके लाखो रूपये लुट जाते है और आपकी ज़िंदगी इसी मे निकाल जाती है ! ! !

अब पढ़िये इसका आयुर्वेदिक इलाज !!
हमारे देश भारत मे 3000 साल एक बहुत बड़े ऋषि हुये थे उनका नाम था महाऋषि वागवट जी !!
उन्होने एक पुस्तक लिखी थी जिसका नाम है अष्टांग हृदयम!! और इस पुस्तक मे उन्होने ने बीमारियो को ठीक करने के लिए 7000 सूत्र लिखे थे ! ये उनमे से ही एक सूत्र है !!

वागवट जी लिखते है कि कभी भी हरद्य को घात हो रहा है ! मतलब (Heart)दिल की नलियो मे blockage होना शुरू हो रहा है ! तो इसका मतलब है कि रकत (blood) मे acidity(अमलता ) बढ़ी हुई है !

अमलता आप समझते है ! जिसको अँग्रेजी मे कहते है acidity !!

अमलता दो तरह की होती है !
एक होती है पेट कि अमलता ! और एक होती है रक्त(खून) (blood) की अमलता !!
आपके पेट मे अमलता जब बढ़ती है ! तो आप कहेंगे पेट मे जलन सी हो रही है !! खट्टी खट्टी डकार आ रही है ! मुंह से पानी निकाल रहा है ! और अगर ये अमलता (acidity)और बढ़ जाये ! तो hyperacidity होगी ! और यही पेट की अमलता बढ़ते-बढ़ते जब रक्त(खून) मे आती है तो रक्त(खून) अमलता(blood acidity) होती !!

और जब blood मे acidity बढ़ती है तो ये अमलीय रकत (blood) (Heart)दिल की नलियो मे से निकल नहीं पाता ! और नलिया मे blockage कर देता है ! तभी heart attack होता है !! इसके बिना heart attack नहीं होता !! और ये आयुर्वेद का सबसे बढ़ा सच है जिसको कोई डाक्टर आपको बताता नहीं ! क्यूंकि इसका इलाज सबसे सरल है !!

इलाज क्या है ??
विशेषज्ञ लिखते है कि जब रकत (blood) मे अमलता (acidty) बढ़ गई है ! तो आप ऐसी चीजों का उपयोग करो जो छारीय है !

आप जानते है दो तरह की चीजे होती है !

अमलीय और छारीय !!
(Acid and Alkaline )

अब अमल और छार को मिला दो तो क्या होता है ! ?????

Neutral होता है सब जानते है !!

तो विशेषज्ञ लिखते है ! कि रक्त(खून) कि अमलता बढ़ी हुई है तो छारीय(alkaline) चीजे खाओ ! तो रकत की अमलता (acidity) neutral हो जाएगी !!! और फिर heart attack की जिंदगी मे कभी संभावना ही नहीं !! ये है सारी कहानी !!

अब आप पूछोगे जी ऐसे कौन सी चीजे है जो छारीय है और हम खाये ?????

आपके रसोई घर मे सुबह से शाम तक ऐसी बहुत सी चीजे है जो छारीय है ! जिनहे आप खाये तो कभी heart attack न आए !

सबसे ज्यादा आपके घर मे छारीय चीज है वह है लोकी !! English मे इसे कहते है bottle gourd !!! जिसे आप सब्जी के रूप मे खाते है ! इससे ज्यादा कोई छारीय चीज ही नहीं है ! तो आप रोज लोकी का रस निकाल-निकाल कर पियो !! या कच्ची लोकी खायो !!

स्वामी रामदेव जी को आपने कई बार कहते सुना होगा लोकी का जूस पीयों- लोकी का जूस पीयों !
3 लाख से ज्यादा लोगो को उन्होने ठीक कर दिया लोकी का जूस पिला पिला कर !! और उसमे हजारो डाक्टर है ! जिनको खुद heart attack होने वाला था !! वो वहाँ जाते है लोकी का रस पी पी कर आते है !! 3 महीने 4 महीने लोकी का रस पीकर वापिस आते है आकर फिर clinic पर बैठ जाते है !


वो बताते नहीं हम कहाँ गए थे ! वो कहते है हम न्योर्क गए थे हम जर्मनी गए थे ऑपरेशन करवाने ! वो राम देव जी के यहाँ गए थे ! और 3 महीने लोकी का रस पीकर आए है ! आकर फिर clinic मे ऑपरेशन करने लग गए है ! और वो आपको नहीं बताते कि आप भी लोकी का रस पियो !!

16 अक्टूबर 2015

दांतों का हिफाजत कैसे करें ?

आइये जानते हैं दांतों की बीमारियाँ और उनके उपचार :

Teeth

सेंधा नमक को बारीक पीसकर सूती कपडे से कपड़-छान कर लें। उसमें से 2 ग्राम नमक हाथ के हथेली पर रखकर 4 गुना सरसों तेल में मिला कर मिश्रण तैयार करें। उसके बाद में नमक तेल के मिश्रण को  अपनी अंगुली के सहायता से दांतों एवं मसूड़ों की हर रोज़ सुबह हल्की मालिश करें उसके बाद में साफ  या हलके गुनगुने पानी से कुल्ला कर लें। इस तरह करने से दांतों का ठंडा, गर्म और खट्टा लगना ख़तम हो जायेगा|
Ø  आंवला को आग में जलाकर सरसों के तेल में सही से मिलाएं फिर इस  मसूड़ों पर हलके  हलके मलिए|
Ø  नीम की हरी पत्तियां, काली मिर्च का पाउडर और काला नमक को पीस कर बराबर बराबर मात्रा में मिलाकर पीस लें इसका हर रोज इस्तेमाल करें|
Ø  खस,  इलायची और लौंग का तेल को एक साथ मिलाकर मसूड़ों में हर रोज लगाएं
Ø  जीरा, सेंधा नमक, हरड़, दालचीनी, दक्षिणी सुपारी को बराबर बराबर मात्रा  में  लें इसे किसी बंद बर्तन में थोड़ी देर आग पर जलाकर पीस लें इस मिश्रण/मंजन का नियमित दो बार इस्तेमाल  करें|
Ø  फिटकरी और काला नमक खूब बारीक पीसकर अपने दांतों पर हलके हलके अपने ऊँगली से मलें।
Ø  दांत में कीड़ा लगने से बचने का सबसे अच्छा  उपाय है कि आप रात को ब्रश या मंजन करके सोएं। मीठी  चीजो को  कम से कम खाएं । मीठी चीजें खाने के बाद यदि ब्रश न कर सके तो कम से कम कुल्ला जरुर करें। दांतों की सफाई की तरफ ध्यान दे।
Ø  नीम का दातुन करने से पहले उसे अच्छी तरह चबाते रहें। जब दातुन का अगला हिस्सा एकदम नरम हो जाए तो फिर उससे अपने दांतों धीरे - धीरे साफ करें।
Ø  लहसुन दांतों के कीटाणु को ख़तम करने के लिए एक कुदरती हथियार है। कच्चे लहसुन का रस संक्रमण को मारने में सहायता करता है। यदि वास्तव में आपके दांतों में बहुत ज्यादा  दर्द हो रहा हो तो आप इसतरह कर सकते हैं। कच्चे लहसुन की एक कली ले लें। इसे पीसें और निचोड़ें कर इसका रस निकालें। इस रस को दर्द वाली स्थान पर लगायें। यह घरेलू उपचार दांतों के दर्द में जादू की तरह असर करता है।
Ø  एक बड़ा चम्मच नारियल का तेल लें और इसे अपने मुंह में चलायें। इसे अन्दर निगले नहीं, इसे लगभग 30 मिनट  तक अपने मुंह में रखें रहें। फिर इसे थूक दें और मुंह धो लें। आपको जरूर आराम मिलेगा।
Ø  दांतों के दर्द में पेपरमिंट का तेल जादू की तरह असर करता है। अपनी उँगलियों के पोरों पर कुछ तेल लें तथा इसे अहिस्ता अहिस्ता  प्रभावित क्षेत्र पर मलें। आपको दांतों के दर्द से तुरंत रहत मिलेगा।
Ø  टी बैग एक अन्य घरेलू इलाज है। हर्बल टी बैग को दर्द वाली जगह पर लगायें। इससे पस/पीप  के कारण होने वाले दर्द से आपको तुरंत राहत मिलेगा।
Ø  ओरेगानो तेल में भी एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल, एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी वाइरल गुणधर्म होते हैं। यह घरेलू ईलाज में बहुत प्रभावकारी होता है खास कर दांतों और मसूड़ों की बीमारियों में।



Ø  दांतों में पस/पीप होने पर ऐप्पल सीडर विनेगर एक अन्य प्रभावशाली इलाज है। चाहे वह प्राकृतिक हो या ऑर्गेनिक, यह बहुत अधिक प्रभावशाली है। एक बड़े चम्मच  ए सी वी लें। इसे कुछ समय के लिए अपने मुंह में रखें रहें और उसके बाद  इसे थूक दें। इसे अन्दर निगलें नहीं। इससे प्रभावित क्षेत्र रोगाणुओं से मुक्त हो जाएगा। इससे सूजन भी ख़तम  होती है।

15 अक्टूबर 2015

आँखें हैं अनमोल (ayurvedic treatment for eyes in hindi)

जानिये अपनी आँखों का महत्व 
Ayurvedic treatment for eyes in hindi

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खूबसूरत आंखें व्यक्ति की खूबसुरती में 4 चांद लगाती हैं क्योंकि इन्हीं से वह प्राकृति के खूबसूरत दृश्यों को देख पाता है। इसीलिए जरूरी है अपनी आंखों को रोगों से बचाना। यदि समय-समय पर अपनी आंखों की भी देखभाल की जाए तो काफी हद तक इस बीमारी से निजात पाई जा सकती हैं जा सकती है। साथ ही अपनी आंखों को बीमारियों से बचाने के लिए अपनी आंखों की सफाई और अपनी आंखों का व्या‍याम करना जरूरी है। अपनी आंखों की देखभाल के लिए विटामिन-ए युक्त भोजन भी करना चाहिए जो अपनी आंखों की रोशनी तेज करता है और अपनी आंखों की समस्याओं से व्यक्ति को बचाता है। आइए जानें अपनी आंखों की सेहत के नुस्खों के बारे में।

नियमित रूप से आंखों की सफाई करे
अपनी आंखों के प्रति लापरवाही बरतने से अपनी आंखों से पानी आना, जलन, खुजली, अपनी आंखों का लाल होना, पीलापन आना, सूजना, धुंधला दिखने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इन समस्याओं से अपनी आंखों को बचाने के लिए नियमित रूप से अपनी आंखों की सफाई करनी चाहिए। इसके लिए आप अपनी आंखों को दिन में 3-4 बार ठंडे पानी से अच्छीं तरह से धोएं।

भोजन में रोजाना पोषक तत्‍व लें
अपनी आंखों को बीमारी से बचाने के लिए विटामिन-ए और विटामिन के से अधिक मात्रा में भोजन लेना चाहिए। दूध और दूध से बनी चीज़े, पलक, गाजर, टमाटर, पपीता, अंडे, शुद्ध घी और हरी साग-सब्जियों इत्यादि का सेवन करना चाहिए। इसके सुबह उठकर पहले पानी पीना, पूरे दिन में 4 से 6 लीटर पानी—पीना अपनी आंखों के लिए हितकर होता है जो शरीर में बढ़ते हुए जहरीले पदार्थों को ख़त्म करता है।

अपनी आँखों को स्वस्थ रखने के लिए भरपूर नींद लें
अपनी आंखों को आराम देने के लिए पर्याप्त  छ से आठ घंटे की नींद लेनी चाहिए। और साथ ही अपनी आंखों के आसपास की त्वचा को पुष्ट करने के लिए बादाम के तेल से अपनी आंखों के नीचे हल्के हाथ से मालिश करनी चाहिए। इससे अपनी आंखों के नीचे काले घेरे भी दूर होते हैं। इसके अलावा अपनी आंखों के नीचे एंटी रिंकल क्रीम लगानी चाहिए। Anti Wrinkle Cream में मौजूद तत्व होते है विटामिन सी और ग्रीन टी, जो अपनी आंखों के काले घेरे बनने से रोकने में लाभकारी है




 कंप्‍यूटर पर काम करते समय उचित दूरी बनाये रखे
आपकी आँखों की सेहत के लिए जरूरी है कि उचित प्रकाश में ही बैठकर काम किया जाएं, फिर चाहे आप पढ़ाई कर रहे हो या फिर कंप्यूटर पर काम कर रहे हो। बहुत नजदीक से निरंतर किसी चीज को लगातार देखने या ज्यादा देर तक कम्यूटर के सामने बैठने के वजह आपकी आँखों में दर्द की शिकायत हो सकती है। इसलिए निरंतर अपनी आँखों पर जोर न डालें। बीच-बीच में अवकाश लेते रहें।

नियमित रूप से आँखों की जाँच कराये
आपकी आँखों में कोई समस्या, हो या न हो लेकिन समय-समय पर आपकी आँखों का चेकअप कराते रहना चाहिए। खासकर उन डायबिटीज के रोगियों को समय-समय पर अपनी आँखों का चेकअप जरूर करवाना चाहिए क्योंकि डायबिटीज से आपकी आँखों पर बुरा असर पड़ता है और लंबे समय तक डायबिटीज रहने पर अंधापन भी हो सकता है।

अपनी आँखों में हमेशा  अच्छी क्वालिटी के उत्पादों का इस्‍तेमाल करे
आपकी आँखों को धूल-मिट्टी और धूप से बचाने के लिए बाहर निकलते समय अपनी आंखों पर शेड्स या चश्में का प्रयोग करना चाहिए। साथ ही आंखों के मेकअप के लिए उच्च श्रेणी के उत्पादों का ही इस्तेमाल करें। अपनी आँखों पर जरूरत के हिसाब से मेकअप करते रहना चाहिए,  आपको यानी काजल, सुरमा जैसी चीजें लगाने से बचना चाहिए।

अन्‍य महतवपूर्ण उपाय
आंखों में थकान या जलन होने पर गुलाब का पानी में रूई भिगोकर आंखों पर रखने से आंखों को राहत मिलती है।
आपकी आँखों में दर्द होने पर दोनों हथेलियों को आपस में रगड़कर कुछ देर अपने आंखों पर मलना अच्छा रहता है।
कंप्यूटर पर काम करते समय अपनी कुर्सी को कंप्यूटर की ऊंचाई के सामान रखें। जिससे आंखों पर बहुत ज्यादा जोर न पड़े और टीवी आप कभी अंधेरे में न देखें, इससे आपकी आंखों पर बहुत जोर पड़ता है।
रात को सोने से पहले अपनी आँखों का मेकअप ध्यानपूर्वक हटाएं।