Heart Attack का आयुर्वेदिक ईलाज!
दिल का दौरा (Heart
Attack) इसलिए
पड़ता है कि (Heart)दिल तक रक्त(खून) पहुंचाने वाली
किसी एक या एक से अधिक नसों में जमे वसा के थक्के के कारण रुकावट आ जाती है। थक्के
के कारण रक्त(खून) का प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है। रक्त(खून) नहीं मिलने से (Heart)दिल
की मांसपेशियों में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। यदि जल्दी ही रक्त(खून) का प्रवाह
ठीक नहीं किया जाए तो (Heart)दिल की मांसपेशियों की गति रूक
जाती है। अधिकांश (Heart)दिल के दौरे के कारण मौतें
थक्के के फट जाने से होती हैं।
हार्ट अटैक (Heart
Attack)
से मरने वाले करीब एक तिहाई मरीज़ों को तो यह पता ही नहीं होता कि वे हृदय रोगी
हैं और ज्यादातर अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। इसके लिए
ज़िम्मेदार एक बड़ा कारण यह है कि पहले आए हार्ट अटैक (Heart Attack)
को मरीज़ ने पहचाना ही न हो। ऐसा हार्ट अटैक (Heart Attack), जिसके लक्षण अस्पष्ट हों या
जिनका पता ही न चले, उसे साइलेंट हार्ट अटैक (Heart Attack)
कहते हैं।
साइलेंट" हार्ट अटैक (Heart Attack)
हार्ट अटैक (Heart
Attack)
के सभी मामलों में से 25 प्रतिशत साइलेंट हार्ट अटैक (Heart Attack)
के होते हैं। साइलेंट हार्ट अटैक (Heart
Attack)
से मरीज़ की मौत हो सकती है। साइलेंट हार्ट में मरीज/रोगी को हार्ट अटैक (Heart Attack)
होता है और उसे पता भी नहीं चलता। हार्ट अटैक (Heart Attack)
के लक्षण दिखाई नहीं देना, मरीज़ द्वारा लक्षणों को
नज़रअंदाज़ कर देना या फिर इन्हें समझ ही न पाना साइलेंट हार्ट अटैक (Heart Attack)
के कारण हैं। साइलेंटहार्ट अटैक (Heart
Attack)
ज़्यादा खतरनाक होते हैं। इसीलिए हार्ट अटैक (Heart Attack)
के लक्षणों के बारे में जानना बहुत ज़रुरी है। कोई भी लक्षण महसूस होने पर, चाहे वो बिलकुल हल्का ही क्यों
न हो और कुछ ही समय के लिए ही क्यों ना हो, डॉक्टर को तुरंत दिखाना चाहिए।
हार्ट अटैक (Heart Attack) आने पर आमतौर पर ये लक्षण सामने आते हैं
• पसीना का आना एवं सांसो का फूलना।
• सीने में तेज दर्द होना और सीने में ऐंठन होना।
• हाथों, कंधों, कमर या जबड़े में भी दर्द होना।
• मितली आना, उल्टी होना।
महिलाओं में हार्ट अटैक (Heart Attack) आने पर कुछ अन्य लक्षण भी देखे जा सकते हैं
• त्वचा
पर चिपचिपाहट, उनींदापन, सीने में जलन महसूस होना।
• असामान्य
रूप से थकान होना।
बरतें थोड़ी
सावधानी
अगर किसी को अचानक (Heart)दिल
का दौरा (Heart Attack) पड़ जाए तो पहला प्रयास यही
होना चाहिये कि उसे तुरंत अस्पताल ले जाये। अगर यह तुरंत मुमकिन न हो पाए तो मरीज/रोगी
को हर दस सेकेंड में जोर के खांसने की कोशिश करनी चाहिए खांसने के दौरा(Heart Attack)न मरीज/रोगी
के (Heart)दिल पर दवाब पड़ता है और रक्त(खून)
का प्रवाह (Heart)दिल की ओर तेज हो जाता है।
खांसने के बाद लम्बी और बहरी सांस लेनी चाहिए क्योंकि (Heart)दिल
की धड़कन बढ़ने और बेहोशी आने में केवल दस सेकेंड का वक्त लगता है। इस प्रकिया के
द्वारा काफी राहत मिलती है।
अपने (Heart)दिल को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें
• साइकिलिंग, वॉकिंग और हो सके तो स्वीमिंग
नियमित रूप से करें।
• धूम्रपान
पूरी तरह से बंद कर दें।
• अधिक
वसा वाला भोजन न करें।
• अपने
भोजन में कम से कम नमक का प्रयोग करें।
• रोजाना
कम से कम 7 घंटे नींद लें।
• कॉफी
और हाई कैफीन की चीजें ज्यादा न लें।
• अगर
चाय पीने का मन करे तो हर्बल या ग्रीन टी ही पियें।
• रोजाना
8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं।
भगवान न करे कि आपको कभी जिंदगी मे heart attack आए !लेकिन अगर आ गया तो आप जाएँगे डाक्टर के पास !
और आपको मालूम ही है एक angioplasty ऑपरेशन आपका होता है ! angioplasty ऑपरेशन मे डाक्टर (Heart)दिल की नली/नस मे एक spring डालते हैं ! उसको stent कहते हैं ! और ये stent अमेरिका से आता है और इसका cost of production सिर्फ 3 डालर का है ! और
यहाँ लाकर लाखो रुपए मे बेचते है आपको !
आप इसका आयुर्वेदिक इलाज करे बहुत बहुत ही सरल है !
पहले आप एक बात जान ली जिये ! angioplasty ऑपरेशन कभी किसी का सफल नहीं होता !! क्यूंकि डाक्टर जो spring (Heart)दिल की नली/नस मे
डालता है !! वो spring बिलकुल pen के spring की तरह होता है !
और कुछ दिन बाद उस spring की दोनों side आगे और पीछे फिर blockage जमा होनी शुरू हो
जाएगी ! और फिर दूसरा attack आता है ! और डाक्टर आपको फिर कहता है ! angioplasty ऑपरेशन करवाओ ! और इस तरह आपके लाखो रूपये लुट जाते
है और आपकी ज़िंदगी इसी मे निकाल जाती है ! ! !
अब पढ़िये इसका आयुर्वेदिक इलाज !!
हमारे देश भारत मे 3000 साल एक बहुत बड़े ऋषि हुये थे उनका नाम था महाऋषि वागवट जी !!
उन्होने एक पुस्तक लिखी थी जिसका नाम है अष्टांग
हृदयम!! और इस पुस्तक मे उन्होने ने बीमारियो को ठीक करने के लिए 7000 सूत्र लिखे थे ! ये उनमे से ही एक सूत्र है !!
वागवट जी लिखते है कि कभी भी हरद्य को घात हो रहा है
! मतलब (Heart)दिल की नलियो मे blockage होना शुरू हो रहा है ! तो इसका मतलब है कि रकत (blood) मे acidity(अमलता ) बढ़ी हुई
है !
अमलता आप समझते है ! जिसको अँग्रेजी मे कहते है acidity !!
अमलता दो तरह की होती है !
एक होती है पेट कि अमलता ! और एक होती है रक्त(खून) (blood) की अमलता !!
आपके पेट मे अमलता जब बढ़ती है ! तो आप कहेंगे पेट मे
जलन सी हो रही है !! खट्टी खट्टी डकार आ रही है ! मुंह से पानी निकाल रहा है ! और
अगर ये अमलता (acidity)और बढ़ जाये ! तो hyperacidity होगी ! और यही पेट की अमलता बढ़ते-बढ़ते जब रक्त(खून)
मे आती है तो रक्त(खून) अमलता(blood acidity) होती !!
और जब blood मे acidity बढ़ती है तो ये
अमलीय रकत (blood) (Heart)दिल की नलियो मे से निकल नहीं पाता ! और नलिया मे blockage कर देता है ! तभी heart attack होता है !! इसके बिना heart attack नहीं होता !! और ये आयुर्वेद का सबसे बढ़ा सच है
जिसको कोई डाक्टर आपको बताता नहीं ! क्यूंकि इसका इलाज सबसे सरल है !!
इलाज क्या है ??
विशेषज्ञ लिखते है कि जब रकत (blood) मे अमलता (acidty) बढ़ गई है ! तो आप
ऐसी चीजों का उपयोग करो जो छारीय है !
आप जानते है दो तरह की चीजे होती है !
अमलीय और छारीय !!
(Acid and Alkaline )
अब अमल और छार को मिला दो तो क्या होता है ! ?????
Neutral होता है सब जानते है !!
तो विशेषज्ञ लिखते है ! कि रक्त(खून) कि अमलता बढ़ी
हुई है तो छारीय(alkaline) चीजे खाओ ! तो रकत
की अमलता (acidity) neutral हो जाएगी !!! और
फिर heart attack की जिंदगी मे कभी
संभावना ही नहीं !! ये है सारी कहानी !!
अब आप पूछोगे जी ऐसे कौन सी चीजे है जो छारीय है और
हम खाये ?????
आपके रसोई घर मे सुबह से शाम तक ऐसी बहुत सी चीजे है
जो छारीय है ! जिनहे आप खाये तो कभी heart attack न आए !
सबसे ज्यादा आपके घर मे छारीय चीज है वह है लोकी !! English मे इसे कहते है bottle
gourd !!! जिसे आप सब्जी के रूप मे खाते है ! इससे ज्यादा कोई छारीय चीज ही नहीं है ! तो
आप रोज लोकी का रस निकाल-निकाल कर पियो !! या कच्ची लोकी खायो !!
स्वामी रामदेव जी को आपने कई बार कहते सुना होगा लोकी
का जूस पीयों- लोकी का जूस पीयों !
3 लाख से ज्यादा लोगो को उन्होने ठीक कर दिया लोकी का जूस पिला पिला कर !! और
उसमे हजारो डाक्टर है ! जिनको खुद heart attack होने वाला था !! वो वहाँ जाते है लोकी का रस पी पी कर आते है !! 3 महीने 4 महीने लोकी का रस
पीकर वापिस आते है आकर फिर clinic पर बैठ जाते है !
वो बताते नहीं हम कहाँ गए थे ! वो कहते है हम न्योर्क
गए थे हम जर्मनी गए थे ऑपरेशन करवाने ! वो राम देव जी के यहाँ गए थे ! और 3 महीने लोकी का रस पीकर आए है ! आकर फिर clinic मे ऑपरेशन करने लग गए है ! और वो आपको नहीं बताते कि आप भी लोकी का रस पियो !!








